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Damini Choudhary

Damini Choudhary

मंजूषा कला को बिहार की दूसरी सबसे लोकप्रिय कला बनने में एक दशक लग गए। यह सम्भव हो पाया है दामिनी चौधरी जैसी सैकड़ों मंजूषा कलाकारों के निःस्वार्थ समर्पण से। सबौर, भागलपुर की दामिनी चौधरी वर्ष 2009 से संस्था दिशा ग्रामीण विकास मंच से जुड़कर इस कला पर कार्य कर रही हैं।...
Munmun Devi

Munmun Devi

कोई भी कला तबतक जीवित नहीं रह सकती जबतक उसे जीविका से ना जोड़ा जाए। पर यह इतना आसान भी नहीं है। मिलते हैं आज मुनमुन देवी से जिनकी ज़िद इस कला को मुक़ाम तक ले जाएगी। घरेलू काम से इतर जो भी समय इनके पास होता है वो पूरा समय मंजूषा कला को देती हैं। दिन में 8 घंटे से अधिक...
Kanchan Devi

Kanchan Devi

कंचन देवी भागलपुर के नौगछिया प्रखंड के पकरा ग्राम से आती हैं। यह वही ग्राम है जिसने मंजूषा कला को वर्ष 2012 में संजीवनी दिया। प्रदेश के मुखिया श्री नीतीश कुमार 2 जून 2012 को पकरा ग्राम में कंचन देवी सहित 250 मंजूषा कलाकारों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी में शामिल...
Babita Devi

Babita Devi

बबीता देवी भी पकरा ग्राम की हैं। मंजूषा कलाकार के रूप में इनकी यात्रा भी नाबार्ड और दिशा के कार्यक्रमों से हुई। इनकी पहचान मंजूषा कला के अच्छे कलाकारों में होती है। बबीता देवी के बनाए पेंटिंग की बारीकी अद्भुत है। मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से दूर इनकी पहचान अब...
Vishuddhanand Mishra

Vishuddhanand Mishra

जब फ़ाइन आर्ट में रुचि रखने वाले कलाकार अपनी लोक कला को पहचान देने में जुट जाए तो लोक कला समृद्ध होती है। आज हम ऐसे ही एक युवा कलाकार विशुद्धानंद से आपका परिचय करवाते हैं। किसी भी थीम पर मंजूषा कला को उकेरने की अद्भुत क्षमता विशुद्धानंद में है । स्थानीय संस्था Disha...